Titli sa din तितली-सा दिन
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गुरुवार, 17 सितंबर 2009
राह हो जाए ख़तम बात तभी बनती है
पुरानी कहानी को दोहराते जाना
नया कुछ भी कहने का ढंग मानता हूँ ।
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जय श्रीवास्तव
उज्जैन, मध्यप्रदेश, India
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