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बुधवार, 21 अक्टूबर 2009
अरे हटो भई मुझे काम करना है
दिन तेजी से बीतते हैं। जब आप न चाहो। नहाने से खाने के बीच का समय नौकरी न करने वालों के लिए सबसे अधिक उर्जा का होता है । आपके होने को सार्थक करता काम किया जा सकता है शुरू। ----------------। अगर ऐसा है तो ठीक है । कल से शुरू करते हैं ऐसा काम।
शुक्रवार, 17 अप्रैल 2009
फ़िर होंगे अपनों के मौसम
थोड़े समय थोडी छाँव मैं बैठ लेते हैं. अपनों की .अपने कितने हैं वो,इस पर बात नहीं। कितनी देर को हैं, इस पर भी नहीं। सपने से मतलब है,सच है कि नही इससे नहीं। । कोई कुछ पढ़ रहा है,लिख रहा है कोई। या कहानी, या और कुछ। अंजुरी में पानी घर लाते-लाते चू जाना ही था। छाँव कब तक रहती ?काम में लगते हैं फ़िर। काम और आराम। बातें किससे करे? 'सुनता नहीं कोई कहता नहीं,--------ऐसा लगता है यां कोई रहता नहीं'-----अपने सर को अपने कंधे पे रखकर खो रहे हैं कहीं ।
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- जय श्रीवास्तव
- उज्जैन, मध्यप्रदेश, India
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