Titli sa din तितली-सा दिन
रविवार, 25 अक्तूबर 2009
जरा सा कुरेदा और टपकने लगा मन
जल में देखा
आसमान ने ख़ुद को
और दाढ़ी बनाने लगा
2 टिप्पणियाँ:
ali
26 अक्तूबर 2009 3:58 am
सुन्दर प्रविष्टि
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<b>विवेक</b>
31 अक्तूबर 2009 8:48 am
दिलचस्प...
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